जिला न्यायालय दुर्ग का वार्षिक निरीक्षण करने पहुंचे हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति नरेश कुमार चंद्रवंशी
न्यायालयीन और प्रशासनिक व्यवस्थाओं का किया अवलोकन, डिजिटल न्यायिक सुविधाओं की प्रगति जानी; स्वच्छता और कामकाज की व्यवस्था पर जताया संतोष

दुर्ग। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति एवं जिला न्यायालय दुर्ग के पोर्टफोलियो जज नरेश कुमार चंद्रवंशी ने रविवार, 1 नवंबर को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय दुर्ग का वार्षिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने न्यायालयीन एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं का जायजा लिया और विभिन्न शाखाओं की कार्यप्रणाली का अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान न्यायालय में चल रही डिजिटल न्यायिक पहलों की प्रगति से भी उन्हें अवगत कराया गया।
न्यायमूर्ति नरेश कुमार चंद्रवंशी के दुर्ग आगमन पर जिला न्यायालय परिसर में उनका आत्मीय स्वागत किया गया। इस अवसर पर रजिस्ट्रार विजिलेंस अब्दुल जाहिद कुरैशी भी उपस्थित रहे। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के. विनोद कुजूर, कुटुंब न्यायालय की प्रधान न्यायाधीश सुमन एक्का, कलेक्टर अभिजीत सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया।
न्यायालय की विभिन्न शाखाओं का किया निरीक्षण
वार्षिक निरीक्षण के दौरान न्यायमूर्ति ने जिला न्यायालय के समस्त न्यायालयों, रिकॉर्ड रूम, प्रतिलिपि शाखा, स्थापना कार्यालय, नजारत सहित अन्य महत्वपूर्ण शाखाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने अभिलेखों के संधारण, प्रशासनिक व्यवस्थाओं और न्यायालयीन कार्यप्रणाली की जानकारी ली। साथ ही व्यवस्थाओं को और अधिक बेहतर एवं सुचारु बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
डिजिटल न्यायिक सुविधाओं की प्रगति की ली जानकारी
निरीक्षण के दौरान न्यायाधीशों के साथ बैठक भी आयोजित की गई। इसमें न्यायिक कार्यशैली, न्यायिक प्रक्रिया और महत्वपूर्ण विधिक विषयों पर चर्चा हुई। जिला न्यायालय में डिजिटल न्यायिक पहलों के तहत किए जा रहे कार्यों की जानकारी प्रस्तुत की गई। बैठक में न्यायश्रुति के माध्यम से ई-साक्ष्य, सीआईएस के जरिए ई-समंस तथा ई-टिकिट से संबंधित कार्यों की प्रगति बताई गई। इसके अलावा न्यायालय परिसर में आने-जाने वाले नागरिकों की सुविधा और प्रवेश व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए विकसित डिजिटल गेट पास सॉफ्टवेयर का वीडियो प्रदर्शन भी किया गया।
न्यायिक अधिकारियों और कर्मचारियों को दिया मार्गदर्शन
न्यायमूर्ति नरेश कुमार चंद्रवंशी ने अपने न्यायिक अनुभव के आधार पर न्यायाधीशों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने न्यायिक कार्यों के प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन, न्यायालयीन प्रक्रियाओं और तकनीकी संसाधनों के बेहतर उपयोग से न्याय व्यवस्था को मजबूत बनाने से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श किया। इस अवसर पर जिला अधिवक्ता संघ दुर्ग के कार्यकारिणी सदस्यों तथा तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने भी न्यायमूर्ति से सौजन्य भेंट की। वार्षिक निरीक्षण के अंत में न्यायमूर्ति ने जिला न्यायालय दुर्ग की व्यवस्थाओं, स्वच्छता और न्यायिक कामकाज की कार्यप्रणाली पर संतोष व्यक्त किया। उनका यह निरीक्षण न्यायालयीन व्यवस्था को अधिक प्रभावी, सुव्यवस्थित और नागरिकों के लिए सुविधाजनक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण रहा।