55 साल से आस्था और संस्कृति का संगम, हाउसिंग बोर्ड कालीबाड़ी में दुर्गोत्सव की तैयारी तेज

षष्ठी से दशमी तक पूजा-अर्चना, सिंदूर खेला और रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का होगा आयोजन

55 साल से आस्था और संस्कृति का संगम, हाउसिंग बोर्ड कालीबाड़ी में दुर्गोत्सव की तैयारी तेज

कोलकाता के कलाकार देंगे लोकगीत, बाउल व आधुनिक गीतों की सुमधुर प्रस्तुतियां

भिलाई। हाउसिंग बोर्ड कालीबाड़ी में 55वें शारदीय दुर्गोत्सव को लेकर तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। पूजा को भव्य और व्यवस्थित रूप से संपन्न कराने के लिए मंदिर समिति के सदस्य तैयारियों में जुटे हुए हैं। पूजा की तैयारियों में बच्चे, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग भी बढ़-चढ़कर सहभागिता कर रहे हैं। इस वर्ष पूजा के दौरान धार्मिक आयोजनों के साथ कई सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आकर्षण का केंद्र रहेंगे।

मंदिर समिति के मार्गदर्शक काजल चक्रवर्ती और विद्युत चौधरी ने बताया कि हाउसिंग बोर्ड कालीबाड़ी में दुर्गा पूजा का यह 55वां वर्ष है। वर्षों से चली आ रही इस परंपरा में क्षेत्र के लोगों की बड़ी भागीदारी रहती है। पूजा को लेकर समिति की बैठक में तैयारियों की समीक्षा कर विभिन्न सदस्यों को अलग-अलग जिम्मेदारियां भी सौंपी गई हैं। समिति के सदस्यों का कहना है कि 55वें वर्ष के दुर्गोत्सव को धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक और सांस्कृतिक सहभागिता का पर्व बनाने की तैयारी है। पूजा के दिनों में क्षेत्र के श्रद्धालुओं के साथ बड़ी संख्या में लोगों के कालीबाड़ी पहुंचने की उम्मीद है।

षष्ठी से दशमी तक होंगे धार्मिक आयोजन

समिति के अनुसार 16 अक्टूबर को षष्ठी, 17 अक्टूबर को महा सप्तमी, 18 अक्टूबर को अधिक सप्तमी, 19 अक्टूबर को महा अष्टमी, 20 अक्टूबर को महा नवमी तथा 21 अक्टूबर को दशमी पूजा और सिंदूर खेला का आयोजन किया जाएगा। 18, 19 और 20 अक्टूबर को दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक भोग एवं प्रसाद वितरण किया जाएगा। पूजा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए समिति द्वारा व्यवस्थाएं की जा रही हैं।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों में दिखेगा बंगाल की संस्कृति का रंग

दुर्गोत्सव के दौरान धार्मिक आयोजनों के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम भी विशेष आकर्षण रहेंगे। 16 अक्टूबर को सरगर म्युजिकल भिलाई की प्रस्तुति होगी। वहीं 17 अक्टूबर को नृत्य एवं संगीत पर आधारित रंगारंग कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। 18 अक्टूबर को बाउल एवं फोक संगीत की विशेष प्रस्तुति होगी। इसमें लोक गायिका परमा राधिका बनर्जी और बाउल गायक शंकर बाउल अपनी प्रस्तुति देंगे। 19 अक्टूबर को जी सारेगामापा और सुपर सिंगर कोलकाता से जुड़े कलाकार पौलामी साहा, प्रत्युस सेन और शुभम डे प्रस्तुति देंगे। वहीं 20 अक्टूबर को जी सारेगामापा के विनय तथा इंडियन आइडल के अरफीम राणा, ओलिवा चक्रवर्ती और अनुरूप द्वारा गीतों की प्रस्तुति दी जाएगी।

तैयारियों के लिए समिति ने बांटी जिम्मेदारियां

पूजा की तैयारियों को लेकर हुई बैठक में मार्गदर्शक काजल चक्रवर्ती और विद्युत चौधरी के निर्देशन में विभिन्न सदस्यों को जिम्मेदारियां सौंपी गईं। समिति में अध्यक्ष डॉ. दीप चटर्जी, महासचिव देबब्रत दास और कोषाध्यक्ष दीपक सिकदार को प्रमुख जिम्मेदारी दी गई है। भोग-प्रसाद की व्यवस्था की जिम्मेदारी उत्तम कर्मकार को, जबकि पंडाल एवं सजावट की जिम्मेदारी गोपाल पोद्दार और अभिषेक दत्ता को सौंपी गई है। सांस्कृतिक कार्यक्रमों की व्यवस्था में देबब्रत घोष, चंदन भट्टाचार्य, चंचल, प्रदीप बल, जयंत दत्ता सहित अन्य सदस्य जिम्मेदारी संभालेंगे। इसके अलावा बाबलु माझी, आशीष नंदी, गोपाल दास, रंजित दास, रतन दास, रामचन्द्र घोष, रतन दत्त, आकाश मांझी, संदीप पाल, आलोक घोष, अमोल विश्वास, नरसिम्हा राव, उत्तम भट्टाचार्य, सुभाष दास और पूर्व महासचिव अनुप घोष सहित महिला समिति के सदस्यों को भी अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई हैं।