दुर्ग निगम कमिश्नर पर निजी काम कराने के आरोप, कर्मचारी की याचिका पर हाईकोर्ट ने कार्रवाई पर लगाई रोक


दुर्ग नगर निगम के आयुक्त सुमित अग्रवाल एक गंभीर विवाद में फंस गए हैं। निगम के ही कर्मचारी भूपेंद्र गोइर ने उनके खिलाफ छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। आरोप है कि कमिश्नर ने कर्मचारी से निजी काम कराए और मना करने पर नौकरी से बाहर करने की कार्रवाई शुरू कर दी।

याचिका के साथ हाईकोर्ट में वाट्सएप चैट के स्क्रीनशॉट भी पेश किए गए हैं। इनमें फल मंगाने, डीटीएच रिचार्ज कराने, जवाफूल चावल लाने, मूवी टिकट बुक कराने, गैस सिलेंडर और यहां तक कि एसी की व्यवस्था कराने जैसी मांगों का दावा किया गया है। मामले की सुनवाई जस्टिस पीपी साहू की सिंगल बेंच में हुई। कोर्ट ने कर्मचारी के खिलाफ चल रही अनुशासनात्मक कार्रवाई पर 23 फरवरी तक रोक लगा दी है। साथ ही राज्य शासन और निगम आयुक्त को नोटिस जारी कर तीन सप्ताह में जवाब मांगा है।

याचिकाकर्ता भूपेंद्र गोइर दुर्ग नगर निगम में असिस्टेंट ग्रेड-3 के पद पर पदस्थ हैं। उनका कहना है कि मांगें पूरी नहीं करने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की फाइल तैयार कर दी गई।
कर्मचारी के मुताबिक 31 जुलाई 2025 को उन्हें नोटिस जारी कर कुछ नियुक्तियों और पदोन्नति में गड़बड़ी का आरोप लगाया गया। इसमें प्यून और सहायक अधिकारियों की नियुक्ति से जुड़ी फाइलों का जिक्र है। भूपेंद्र गोइर का दावा है कि वे केवल फाइल पुट-अप करने वाले क्लर्क थे, अंतिम निर्णय उच्च अधिकारियों द्वारा लिया गया। हाईकोर्ट में पेश चैट्स में एमआईसी की बैठक स्थगित करने, वसूली पर निकलने के समय और अन्य कर्मचारियों को हटाने की बातों का भी उल्लेख है।

