आदतन बदमाश ओंकार रजक पर जिला बदर की कार्रवाई, 7 जिलों में प्रवेश पर रहेगी रोक
हत्या, बलवा और आर्म्स एक्ट समेत 9 आपराधिक व प्रतिबंधात्मक प्रकरणों में रहा है संलिप्त, जेल से रिहाई के बाद एक साल तक आदेश प्रभावी

धमतरी। जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और असामाजिक तत्वों पर अंकुश लगाने के लिए धमतरी पुलिस ने आदतन बदमाशों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। पुलिस अधीक्षक की अनुशंसा पर कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी ने सिटी कोतवाली क्षेत्र के धोबी चौक, रामसागरपारा निवासी ओंकार रजक उर्फ रवि रजक (24) के खिलाफ जिला बदर का आदेश जारी किया है। आदेश के तहत उसे धमतरी समेत सात जिलों की राजस्व सीमाओं से एक वर्ष के लिए निष्कासित किया गया है। वर्तमान में जिला जेल धमतरी में बंद होने के कारण यह आदेश उसकी रिहाई के बाद प्रभावी होगा।
हत्या और आर्म्स एक्ट समेत कई मामले दर्ज
पुलिस के अनुसार, ओंकार रजक के खिलाफ वर्ष 2019 से आपराधिक गतिविधियों से संबंधित मामले दर्ज हैं। उसके विरुद्ध हत्या, मारपीट, बलवा, जान से मारने की धमकी और आर्म्स एक्ट सहित पांच आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। इसके अलावा दंड प्रक्रिया संहिता और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत चार प्रतिबंधात्मक इस्तगासे भी दर्ज किए गए हैं।
पुलिस ने वर्ष 2025 में उसे सामाजिक गुंडा सूची में शामिल किया था। इसके बावजूद उसकी गतिविधियों में अपेक्षित सुधार नहीं होने और क्षेत्र में भय का माहौल पैदा होने संबंधी तथ्यों के आधार पर पुलिस अधीक्षक ने जिला बदर की कार्रवाई के लिए प्रतिवेदन प्रस्तुत किया था। इस पर विचार करने के बाद जिला दंडाधिकारी ने निष्कासन का आदेश पारित किया।
इन सात जिलों में प्रवेश पर प्रतिबंध
जिला बदर आदेश के तहत ओंकार रजक को धमतरी के अलावा रायपुर, दुर्ग, बालोद, कांकेर, कोंडागांव और गरियाबंद जिलों की राजस्व सीमाओं से एक वर्ष के लिए बाहर रहना होगा। निर्धारित अवधि में सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बिना इन जिलों में प्रवेश नहीं किया जा सकेगा। आदेश का उल्लंघन करने पर उसके खिलाफ नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 की धारा 5(क) और 5(ख) के तहत की गई है।
वर्ष 2026 में तीन बदमाशों पर जिला बदर की कार्रवाई
धमतरी पुलिस के मुताबिक, वर्ष 2026 में अब तक तीन आदतन बदमाशों के खिलाफ जिला बदर की कार्रवाई के आदेश पारित किए जा चुके हैं। वहीं, वर्ष 2025 में कुल 11 बदमाशों के विरुद्ध ऐसी कार्रवाई की गई थी। पुलिस जिले में सक्रिय अन्य गुंडों, बदमाशों और आदतन अपराधियों के रिकॉर्ड की भी समीक्षा कर रही है। जरूरत के अनुसार उनके खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई और जिला बदर जैसे कदम उठाए जाएंगे।