दुर्ग: 62,424.4 किलो अफीम पोस्ता मामले में आरोपी को हाईकोर्ट से जमानत नहीं
14 लाख 30 हजार 100 अफीम पोस्ता पौधों की बरामदगी के मामले में चोखू राम विश्नोई की जमानत याचिका खारिज, एनडीपीएस एक्ट की धारा 37 का हवाला

बिलासपुर/दुर्ग। ग्राम झंझारी में कथित अवैध अफीम पोस्ता की खेती के मामले में गिरफ्तार आरोपी चोखू राम विश्नोई को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली है। हाईकोर्ट ने उसकी नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी है। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति राकेश मोहन पांडेय की अदालत में हुई।
पुलिस के अनुसार, 6 मार्च 2026 को ग्राम झंझारी के पास कृषि भूमि में अवैध रूप से अफीम पोस्ता की खेती की सूचना मिली थी। कार्रवाई के दौरान करीब 14 लाख 30 हजार 100 पोस्ता पौधे पाए जाने का उल्लेख हाईकोर्ट के आदेश में है। इन पौधों का कुल वजन 62,424.4 किलोग्राम बताया गया है।
इस मामले में पुलगांव थाना, जिला दुर्ग में अपराध क्रमांक 247/2026 दर्ज किया गया था। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8, 18, 29 और 27(ए) के तहत मामला दर्ज है। चोखू राम विश्नोई को 12 मार्च 2026 को सह-आरोपी विकास बिश्नोई के मेमोरेंडम के आधार पर गिरफ्तार किया गया था।
जमानत पर सुनवाई के दौरान आरोपी के अधिवक्ता ने दलील दी कि आरोपी का नाम मुख्य आरोपी विकास बिश्नोई के बयान में सामने आया है। यह भी बताया गया कि मामले में चार्जशीट दाखिल हो चुकी है, आरोपी लंबे समय से जेल में है और उसके खिलाफ कोई पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है।
वहीं, राज्य की ओर से जमानत का विरोध करते हुए कहा गया कि विकास बिश्नोई के मेमोरेंडम के अनुसार अफीम के बीज वर्तमान आरोपी चोखू राम विश्नोई द्वारा उपलब्ध कराए गए थे। राज्य ने यह भी तर्क दिया कि जिन सह-आरोपियों को पहले जमानत मिली, उनके कब्जे से कम मात्रा में मादक पदार्थ बरामद हुआ था, इसलिए उनके आधार पर समानता का लाभ नहीं दिया जा सकता।
हाईकोर्ट ने मामले की परिस्थितियों और केस डायरी पर विचार करने के बाद कहा कि इस स्तर पर यह नहीं माना जा सकता कि आरोपी अपराध में बिल्कुल शामिल नहीं था। अदालत ने एनडीपीएस एक्ट की धारा 37 में जमानत को लेकर लागू प्रतिबंध का भी उल्लेख किया।
इसके बाद न्यायालय ने एमसीआरसी क्रमांक 8024/2026 की जमानत याचिका खारिज कर दी। आदेश 29 सितंबर 2026 को पारित किया गया।
