फर्जी खाद्य अधिकारी बनकर ठगी का खेल, एआई से नकली नोटिस बनाकर कारोबारियों को धमकी

हाईकोर्ट का फर्जी नोटिस, 5 हजार जुर्माने का डर और वाट्सऐप पर QR कोड, दुर्ग में खाद्य कारोबारियों से ठगी की कोशिश

फर्जी खाद्य अधिकारी बनकर ठगी का खेल, एआई से नकली नोटिस बनाकर कारोबारियों को धमकी

भिलाई। दुर्ग जिले में होटल, मिठाई और अन्य खाद्य कारोबारियों को निशाना बनाकर फर्जी खाद्य अधिकारी बनकर ठगी करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि कुछ लोग खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी बनकर कारोबारियों से खाद्य लाइसेंस, पंजीयन और अनुज्ञप्ति बनवाने के नाम पर रकम मांग रहे हैं। कारोबारियों को डराने के लिए कथित तौर पर फर्जी लाइसेंस, पंजीयन दस्तावेज, जुर्माना रसीद और कानूनी नोटिस तैयार किए जा रहे हैं।

मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि कारोबारियों को वाट्सऐप के जरिए भुगतान के लिए क्यूआर कोड भी भेजे जा रहे हैं। कुछ दस्तावेज कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई की मदद से तैयार किए जाने का दावा भी किया जा रहा है। नोटिस मिलने के बाद कारोबारियों ने जब खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग से संपर्क किया, तब फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। जानकारी के अनुसार, कुछ संदिग्ध लोग बाजार में घूमकर खुद को खाद्य विभाग का अधिकारी या कर्मचारी बताते हैं। खाद्य लाइसेंस, पंजीयन अथवा खाद्य अनुज्ञप्ति बनवाने के नाम पर कारोबारियों से रकम मांगे जाने की शिकायत है। वहीं कुछ मामलों में खाद्य जनित बीमारी या फूड पॉइजनिंग का हवाला देकर 5 हजार रुपए तक की कथित फर्जी जुर्माना रसीद तैयार किए जाने की बात सामने आई है। कुछ लोग खुद को शहर के खाद्य सुरक्षा केंद्र का कर्मचारी बताकर कारोबारियों को खाद्य अनुज्ञप्ति या पंजीयन कराने का झांसा दे रहे हैं। आरोप है कि रकम लेने के बाद वे संपर्क से बाहर हो जा रहे हैं। हालांकि अभी तक इस तरह की ठगी में कितने कारोबारी प्रभावित हुए हैं और कितनी रकम की वसूली की गई है, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

हाईकोर्ट के नाम से भी फर्जी नोटिस का इस्तेमाल

कारोबारियों को दबाव में लेने के लिए बिलासपुर हाईकोर्ट के नाम से कथित फर्जी कानूनी नोटिस और अन्य दस्तावेज भेजे जाने की शिकायत भी सामने आई है। वाट्सऐप पर जुर्माना या अन्य भुगतान के नाम पर क्यूआर कोड भेजकर रकम जमा कराने का दबाव बनाए जाने की बात कही जा रही है।

फोन कर कहा, मिठाई खराब है, 5 हजार का जुर्माना लगा है

बताया गया है कि खुद को बिलासपुर उच्च न्यायालय का अधिवक्ता बताने वाले हिमांशु पाठक नाम के व्यक्ति द्वारा कुछ व्यापारियों को फोन किया गया। कथित तौर पर फोन पर कहा गया कि उनके संस्थान में तैयार मिठाई और अन्य खाद्य सामग्री खराब है तथा बिलासपुर हाईकोर्ट के निर्देश पर 5 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना नहीं भरने पर संस्थान को सील करने की चेतावनी दिए जाने की भी शिकायत है। दुर्ग जिले में भिलाई के रामनगर स्थित छोटू स्वीट्स, धमधा स्थित इंदौर सेव भंडार और दुर्ग के कातुलबोड़ स्थित त्रिप्ति स्वीट्स को कथित तौर पर इसी तरह जुर्माने की चेतावनी देकर रकम मांगे जाने की बात सामने आई है। व्यापारियों के वाट्सऐप पर भुगतान के लिए क्यूआर कोड भी भेजे गए। नोटिस और फोन कॉल की जानकारी मिलने के बाद संबंधित कारोबारियों ने खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के अभिहित अधिकारी जितेन्द्र नेले से संपर्क किया। विभाग से जानकारी लेने के बाद कारोबारियों को पता चला कि उनके नाम पर भेजे गए नोटिस और जुर्माने की प्रक्रिया संदिग्ध है।

मामले के सामने आने के बाद खाद्य कारोबारियों से अपील की जा रही है कि किसी व्यक्ति द्वारा खाद्य विभाग का अधिकारी या कर्मचारी बनकर रकम मांगे जाने पर बिना सत्यापन भुगतान न करें। किसी भी नोटिस, जुर्माने या लाइसेंस संबंधी कार्रवाई की वास्तविकता की पुष्टि सीधे खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग से की जाए।