बिल्डर से 4 लाख रिश्वत लेते पुलिस इंस्पेक्टर रंगे हाथों गिरफ्तार

बेंगलुरु। कर्नाटक लोकायुक्त पुलिस ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए बेंगलुरु के एक पुलिस इंस्पेक्टर को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी पर धोखाधड़ी के एक मामले में फंसे बिल्डर से 4 लाख रुपये लेने का आरोप है। लोकायुक्त पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार इंस्पेक्टर की पहचान गोविंदराजू के रूप में हुई है, जो केपी अग्रहारा पुलिस स्टेशन में तैनात था। उसे चामराजपेट स्थित सिटी आर्म्ड रिजर्व (CAR) मैदान में बिल्डर मोहम्मद अकबर से रिश्वत लेते समय पकड़ा गया।

लोकायुक्त के एक अधिकारी ने बताया कि बिल्डर मोहम्मद अकबर धोखाधड़ी के एक मामले का सामना कर रहा था। आरोप है कि इंस्पेक्टर गोविंदराजू ने अकबर को जमानत दिलाने और मामले में राहत दिलाने की पेशकश की थी, लेकिन इसके बदले 5 लाख रुपये रिश्वत की मांग की गई। अधिकारी के मुताबिक, अकबर और दो अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज था, और गोविंदराजू ने कथित तौर पर धोखाधड़ी केस से नाम हटवाने का भी आश्वासन दिया था। बताया गया कि 24 जनवरी को अकबर ने इंस्पेक्टर को 1 लाख रुपये नकद दिए थे, जबकि शेष राशि देने के लिए गुरुवार का समय तय किया गया। इसके बाद अकबर ने पूरे मामले की शिकायत लोकायुक्त पुलिस से कर दी।

लोकायुक्त पुलिस ने शिकायत के आधार पर ट्रैप की योजना बनाई। गुरुवार को अकबर ने गोविंदराजू को शेष रकम लेने के लिए CAR मैदान में बुलाया। पुलिस के अनुसार, शाम करीब 4:30 बजे इंस्पेक्टर गोविंदराजू सरकारी वाहन में, वर्दी पहनकर मौके पर पहुंचा। इसके बाद अकबर ने फिनोलफथेलिन पाउडर से लेपित नोट उसे सौंपे। नोट लेते ही लोकायुक्त टीम ने मौके पर दबिश देकर इंस्पेक्टर को पकड़ लिया और गिरफ्तार कर लिया। लोकायुक्त पुलिस ने मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। इसी दिन एक अन्य मामले में लोकायुक्त अधिकारियों ने कर्नाटक औद्योगिक क्षेत्र विकास बोर्ड (KIADB) के पूर्व अधिकारी तेजेश कुमार एन के ठिकानों पर छापेमारी की। छापे के दौरान चार भूखंड, आठ मकान और 14 एकड़ कृषि भूमि सहित करीब 26.5 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त किए जाने की जानकारी सामने आई है।