नक्सल प्रभावित माड़ में पुलिस का नया कैम्प स्थापित, ओरछा-आदेर से लंका बार्डर तक सड़क कनेक्टिविटी, अब 30 गांवों में विकास की रफ्तार

नारायणपुर। जिले में विकास और सुरक्षा को साथ लेकर चलने वाली खबर. आज पुलिस ने ओरछा-आदेर मार्ग से आगे बढ़ते हुए बेदरे बीजापुर बार्डर के लंका गांव तक सड़क कनेक्टिविटी तैयार कर दी है. यही नहीं, माड़ बचाव अभियान के अंतर्गत लंका में नया सुरक्षा और जन सुविधा कैम्प भी स्थापित कर दिया गया है. लंका इंद्रावती नदी किनारे स्थित बेहद अंदरूनी और नक्सल प्रभावी क्षेत्र माना जाता है. यहां तक सड़क और सुरक्षा बल पहुंचना आसान नहीं था, लेकिन पुलिस, डीआरजी और आईटीबीपी की संयुक्त कार्रवाई ने इसे संभव किया.

इस नए कैंप से आसपास के 30 से ज्यादा गांवों को सीधा फायदा मिलेगा. सड़क, पुल-पुलिया, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं और मोबाइल नेटवर्क जैसे इंतजार में पड़ी सुविधाएं अब तेजी से आगे बढ़ सकेंगी. ग्रामीणों में सुरक्षा और भरोसे का माहौल भी दिखाई दे रहा है. नारायणपुर पुलिस ने 2025 में अब तक कुतुल, कोडलियर, बेडमाकोटी, पदमकोट, कुडमेल, आदेर, जाटलूर, डोडीमरका, पदमेटा और अब लंका समेत कई नक्सली ठिकानों में कैम्प खोलकर बस्तर को नक्सल मुक्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है.

पूरी कार्रवाई बस्तर रेंज IG पी सुन्दराज, DIG अमित कांबले, SP रोबिनसन गुरिया और आईटीबीपी के वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में की गई. इसमें डीआरजी, बस्तर फाइटर और आईटीबीपी की विभिन्न बटालियनों की अहम भूमिका रही. नीचे से ऊपर तक सरकार और पुलिस की कोशिश यही है कि अबूझमाड़ के सबसे दूर बसे गांव भी सड़क, इलाज, नेटवर्क और विकास से जुड़ें. आज लंका में लगा नया कैंप उसी दिशा की सबसे बड़ी आगे बढ़ती हुई रेखा है.


