हाउसिंग बोर्ड कालीबाड़ी में दुर्गोत्सव की धूम, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने किए मां दुर्गा के दर्शन, काजोल चक्रवर्ती का हुआ सम्मान
कोलकाता के कलाकारों ने बाउल और लोक संगीत से बांधा समां, बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन






भिलाई। हाउसिंग बोर्ड कालीबाड़ी में शारदीय दुर्गोत्सव पूरे उत्साह और धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है। दुर्गा पूजा के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके साथ भिलाई-चरोदा के महापौर निर्मल कोसरे, मुकेश चन्द्राकर सहित अन्य अतिथि मौजूद रहे। अतिथियों ने मां दुर्गा के दर्शन कर प्रदेश की सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री ने हाउसिंग बोर्ड कालीबाड़ी पूजा समिति द्वारा आयोजित दुर्गा पूजा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सराहना की।
दुर्गोत्सव के तहत आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में बच्चों और बड़ों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। बच्चों ने एक से बढ़कर एक कार्यक्रम प्रस्तुत कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। नृत्य, संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने आयोजन में उत्साह भर दिया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने कलाकारों का उत्साहवर्धन किया और प्रस्तुतियों का आनंद लिया। सांस्कृतिक संध्या का प्रमुख आकर्षण कोलकाता से आए कलाकारों की बाउल और फोक संगीत की प्रस्तुतियां रहीं। लोक गायिका परमा राधिका बनर्जी और बाउल गायक शंकर बाउल ने अपनी प्रस्तुतियों से बंगाल की समृद्ध लोकसंस्कृति की झलक पेश की। बाउल संगीत की मधुर धुनों और भावपूर्ण गायन ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कलाकारों ने पारंपरिक लोकगीतों के माध्यम से बंगाल की सांस्कृतिक विरासत को जीवंत किया। उनकी प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को लोकसंगीत की अनूठी दुनिया से रूबरू कराया। सांस्कृतिक संध्या में बंगाल की लोकपरंपराओं और संगीत की मिठास ने दुर्गोत्सव के माहौल को और खास बना दिया।
कालीबाड़ी अध्यक्ष काजोल चक्रवर्ती का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान हाउसिंग बोर्ड कालीबाड़ी में लंबे समय से सेवा दे रहे कालीबाड़ी अध्यक्ष काजोल चक्रवर्ती को पूजा समिति की ओर से सम्मानित किया गया। समिति ने उनके योगदान और सेवाओं के प्रति सम्मान व्यक्त किया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने भी उनके कार्यों की सराहना की।
धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपरा का संगम
हाउसिंग बोर्ड कालीबाड़ी में आयोजित दुर्गोत्सव धार्मिक आस्था के साथ सांस्कृतिक विरासत को भी सहेजने का अवसर बना। मां दुर्गा की आराधना, बच्चों की आकर्षक प्रस्तुतियों और कोलकाता से आए कलाकारों के लोकसंगीत ने आयोजन को यादगार बनाया। दुर्गा पूजा के इस उत्सव में श्रद्धा, संगीत और बंगाल की सांस्कृतिक परंपराओं का सुंदर संगम देखने को मिला।










