मां कल्याणी शीतला मंदिर में नवरात्रि की धूम, 1109 ज्योति कलश प्रज्वलित

मरोदा टैंक मंदिर में चंडी पाठ, 108 थालियों से महाआरती और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला, दशहरा पर होगा रावण दहन

मां कल्याणी शीतला मंदिर में नवरात्रि की धूम, 1109 ज्योति कलश प्रज्वलित

भिलाई। शारदीय क्वांर नवरात्रि महापर्व की शुरुआत के साथ मरोदा टैंक, रिसाली स्थित मां कल्याणी शीतला मंदिर में भक्तिमय माहौल बना हुआ है। मंदिर में इस वर्ष 1109 ज्योति कलश प्रज्वलित किए गए हैं। नवरात्रि के दौरान प्रतिदिन पूजा-अर्चना, आरती और चंडी पाठ के साथ विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। मंदिर समिति ने पंचमी से लेकर दशहरा पर्व तक होने वाले आयोजनों की जानकारी दी है।

मंदिर समिति के अध्यक्ष शैलेन्द्र शैली ने बताया कि 15 अक्टूबर को पंचमी तिथि पर बाना परघौनी, बैरन पूजा, शक्ति पूजा और कलश चढ़ावा का कार्यक्रम रखा गया है। दोपहर 12 बजे बाना परघौनी होगा। वहीं, रात 9 बजे जय गणेश रामधुनी झांकी मंडली, सिरपुर बगईकोन्हा, लोहरा द्वारा रामधुनी झांकी प्रस्तुत की जाएगी। 16 अक्टूबर को षष्ठी तिथि पर रात 9 बजे श्री कृष्ण रामधुनी परिवार, ग्राम तमोरा, बालोद का कार्यक्रम होगा। 17 अक्टूबर को सप्तमी तिथि पर जय दुर्गा पंडवानी एवं भजन मंडली, निनवा (तिल्दा-भाटापारा) की प्रस्तुति होगी। इसमें गायिका कु. दुर्गा साहू और रागी निर्मल साहू शामिल होंगे। 18 अक्टूबर को सप्तमी तिथि के अवसर पर रात 9 बजे जय छत्तीसगढ़ बाबा जसगाथा परिवार, छातागढ़ मोहलाई, दुर्ग द्वारा कार्यक्रम प्रस्तुत किया जाएगा। इसमें भजन गायक नितेश निषाद अपनी प्रस्तुति देंगे।

महाष्टमी पर हवन-पूजन और कन्या भोज

19 अक्टूबर को महाष्टमी के अवसर पर दोपहर 1 बजे हवन-पूजन होगा। इसके साथ कन्या भोज और महाभोग वितरण किया जाएगा। शाम को सुरता, रायपुर की ओर से छत्तीसगढ़ी सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया जाएगा, जिसमें नरेंद्र जल क्षत्रिय कृत छत्तीसगढ़ी प्रस्तुति आकर्षण का केंद्र रहेगी। 20 अक्टूबर को ज्योति कलश शोभायात्रा और जंवारा विसर्जन का कार्यक्रम सुबह 9 बजे रखा गया है। वहीं, 21 अक्टूबर को शाम 6 बजे दशहरा पर्व के अंतर्गत रामलीला मंचन और रावण दहन होगा। इसके साथ तिलक राजा साहू कृत लोकधारा, रायपुर की छत्तीसगढ़ी सांस्कृतिक प्रस्तुति होगी।

देश के शहीदों के नाम भी प्रज्वलित ज्योति कलश

मंदिर के संरक्षक अरुण वर्मा ने बताया कि मंदिर में कुल 1109 ज्योति कलश प्रज्वलित हैं। इनमें 1106 ज्योति कलश श्रद्धालुओं द्वारा जलाए गए हैं, जबकि मंदिर ट्रस्ट समिति की ओर से तीन ज्योति कलश प्रज्वलित किए गए हैं। इनमें एक माता रानी, एक भगवान हनुमान और एक देश के शहीदों के नाम समर्पित है। मंदिर के पदाधिकारी हिमांशु चंद्राकर ने बताया कि प्रतिदिन सुबह 7 बजे पंडित चंद्रशेखर मिश्रा द्वारा प्रातःकालीन आरती और शाम 7 बजे संध्याकालीन आरती की जाती है। नवरात्रि के नौ दिनों तक प्रतिदिन सुबह 10:30 बजे आचार्य द्रौणाचार्य द्विवेदी महाराज द्वारा वैदिक विधि से चंडी पाठ किया जा रहा है। पंचमी और अष्टमी तिथि पर माता की 108 थालियों से महाआरती की जाती है।

नौ दिनों तक अलग-अलग श्रृंगार में दर्शन देंगी माता

मंदिर के पदाधिकारी विकास चंद्राकर ने बताया कि नवरात्रि के नौ दिनों में माता का वस्त्र और श्रृंगार प्रतिदिन बदला जाता है। हर दिन माता को अलग-अलग परिधान और श्रृंगार से सजाया जाता है। विशेष त्योहारों पर भी माता को नए वस्त्र और श्रृंगार से सजाया जाता है। मंदिर ट्रस्ट के संरक्षक पन्नू यादव, कोषाध्यक्ष मुख्तार यादव, उपाध्यक्ष रमेश वर्मा, सचिव चोवाराम निषाद सहित शंभू पटेल, संतोष चंद्राकर, माधव मांझी, विमल दास मानिकपुरी, पूनम चंद सपहा, मुकेश यादव और प्रमोद साहू आयोजन में सहयोग कर रहे हैं। नवरात्रि के दौरान मंदिर में श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ गई है और परिसर में मेले जैसा माहौल बना हुआ है। भक्त माता कल्याणी शीतला के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं।